बच्चों को कैसे पढ़ायें ? बच्चे को पढाने व तेज बनाने के बेहतरीन तरीके

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बच्चों को कैसे पढ़ायें ? बच्चे को पढाने व तेज बनाने के बेहतरीन तरीके

 


Baccho Ko Kaise Padhaye : हर एक माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं ताकि वह आगे चलकर एक एजुकेटेड पर्सन बने , जिसके लिए पैरेंट्स बच्चो के अच्छे भविष्य के लिए हर समय सोचते रहते हैं । 
छोटे बच्चे दिल के सच्चे होते हैं और उनका स्वभाव भी कोमल होता है और जो भी वह बात सुनते हैं या देखते है उसी की कल्पना करने लगते हैं और उस रास्ते पर जाने लगते है जैसे उन्हे दिखाया जाता है तथा उस तरह का व्यवहार करने लगते हैं जिस तरह सुनते है या उन्हे जिस तरीका से बताया गया है । जैसे -जैसे बच्चो की उम्र बढती जाती है उनकी समझ भी बढती हैं इस स्थीति में पैरेंट्स का फर्ज होता है अपने बच्चो का सही मार्गदर्शन करना उनके बेहतर भविष्य के लिए उचित रास्ता दिखाना तथा उनके साथ ऐसी बाते करना जो उनको हरदम आगे बढने के लिए प्रेरित करें ।

कोई बच्चा शुरु से पढाई में तेज या कमजोर नही होता है बस उनको किस तरह से पढाया गया है इस बात पर डिपेंड करता हैं । अपने बच्चो को शुरुआती समय में उनके सुनहरे भविष्य के लिए हर माता-पिता को सजग होना चाहिए क्योंकि वह यही समय होता है जब आप अपने बच्चो का सही से देखभाल करके उनका जीवन उत्कृष्ठ बना सकते हैं । अगर आप भी अपने बच्चो के भविष्य के लिए यह सोंच रहें हैं कि बच्चों को कैसे पढाएं या बच्चों को पढाने का तरीका क्या हैं तो इस पोस्ट के साथ बने रहिए और नीचे बताई गई बातो को ध्यान से पढिए ।

Baccho ko kaise padhaye


बच्चों को कैसे पढ़ायें ( baccho ko kaise padhaye )

आज के बच्चो की पढाई और पहले के बच्चो की पढाई में बहुत अंतर हो गया है क्योंकि पहले के बच्चों को स्कुल जाने के लिए बैग भर कर बुक ले जाने की जरुरत नही होती है यानी बहुत ही कम थी और लिखने के लिए स्लेट और चॉक से भी काम चला लिया जाता था हलॉकि उनको भी इतनी कम शिक्षा सामग्रियो में भी उचित और बेहतर शिक्षा प्रदान की जाती थी ।
आज के समय में पढाई एडवांस हो गया है शिक्षा के क्षेत्र में आए दिनों नए-नए तकनीकियों का उपयोग हो रहा है  जिनसे शिक्षा का स्तर भी बढ रहा है जिस कारण छोटे बच्चों का भी शुरु से ही पढाई का लेवल भी बढ गया है ।
इस समय हर माता-पिता और अध्यापक का फर्ज बनता है कि वो बच्चों को किस तरह पढाएं । जिससे उनके उपर ज्यादा प्रेसर भी ना पढें और बच्चे Sharp Mind वाले बनें । बच्चो की शिक्षा के लिए हर पैरेट्स को पढाने का एक तरीका ढूँढना चाहिए या बच्चो को पढाई में मन लगाने के उपाय के बारे में जानना चाहिए । अगर आप जानना चाहते हैं कि छोटे बच्चों को कैसे पढाएं या अपने बच्चों को कैसे पढाएं व बच्चों को पढाने का तरीका क्या है तो मैं यहां पर बच्चों को पढाने के बेहतर तरीका लेकर आया हूँ जिसे आप पढकर अपने बच्चे का भविष्य उत्तम कर सकते हैं ।

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बच्चों को पढाने का तरीका ( Bacche Ko Padhane Ka Tarika )

अगर आप भी अपने बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित हैं कि किस प्रकार उनको पढाया जाए या छोटे बच्चों को पढाने का तरीका क्या है तो आप को चिंता करने की जरुरत नही है हम यहा पर बच्चों के पढाने के उपाय आप को बता रहें है जिसे आप जानकर अपने बच्चों का आप बेहतर भविष्य बना सकते हैं ।

बच्चे के मन को पढें...

अगर आप बच्चे को उचित शिक्षा देना चाहते हैं तो सबसे पहले उनके मन को अच्छी तरह से समझना होगा
कि उसके मन में क्या है उसका स्वभाव कैसा है किस चीज में उसकी रुची ज्यादा वह किस तरह बतायी हुई बाते जल्दी याद करता है , वह पढने में रुचि लेता है कि नही , यदि नही लेता है तो क्यों नही लेता है इसका कारण क्या है उसको पढाई करने में क्या दिक्कते आती है और यदि उसे कोई परेशानी है तो उसको दुर करने का प्रयास करें ।

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बच्चे के मन से पढाई का डर दुर करें ...

बहुत से बच्चों में यह देखा जाता है कि उनको पढाई के समय पर नींद आने लगता है या पढाई करने को कहने पर वह एकदम डरने लगते हैं उनको लगता है कि पढाई उनके लिए सबसे कठिन काम है जिस कारण वह रोने भी लगते हैं । इस स्थिती में पैरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चे को पढाई के लिए प्रोत्साहन दें उनको ऐसी बाते बताएं जो उनको पढने के लिए प्रोत्साहित करें । जिस कारण बच्चो के मन से पढाई का भय दुर होगा और वह अपने आप पढने में रुची लेने लगेंगे ।

अपने बच्चे के दोस्त बनें...

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आपसे कुछ भी छुपाये नही आपको सभी बातें बताए तो उनके दोस्त जैसा बनकर उनके साथ रहे । क्योंकि बहुत से पैरेंट्स ऐसे होते हैं जो अपने बच्चो को पढाने के लिए उन पर दबाव बनाते है व पढाई के लिए कठोर बनते हैं जिससे उनका बच्चा पढ सके , लेकिन इस स्थीति में बच्चे के मन में एक भय बैठ जाता है जिससे वह आपसे कुछ बाते छुपाने लगते है उन्हे ऐसा लगता है कि शायद उन्हे डांट खानी पड़ेगी । इसलिए बच्चे के साथ घूल-मिल कर रहें फ्रैंड की भाँति, जिससे आपका बच्चा आपके साथ पुरी बाते शेयर कर सके ।

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बच्चे के पढाई के बिषय को समझे...

अगर आप अपने बच्चे को पढाना चाहते हैं तो उनके बिषय की जानकारी आपको अच्छी तरह से होनी चाहिए । बच्चे को पढाने से पहले उनके सब्जेक्ट को खुद पढें और समझें उसके बाद बच्चे को पढाना शुरु करें । इससे यह मालूम हो जाता है कि आपको बच्चे को किस लेवल में पढाना है और किस तरह से उसे समझाना है ताकि वह आपके पढाए हुए को अच्छी तरह समझ जाए ।

बच्चे को पढाने का समय बनाएं

बच्चे को पढाने के लिए एक उचित समय बनाएं जिसमे आप एक या दो घंटे रख सकते हैं । समय बनाना इसलिए जरुरी हो जाता है कि बच्चे जब स्कुल से आते हैं तो उनको स्कुल में होमवर्क आदि भी मिलता है जिससे घर पर पूरा करना होता है इसलिए उनको घर पर पढाई के समय की जानकारी होनी चाहिए कि कितने बजे तक खेलना है तथा कितने बजे तक टीवी देखनी है । एक बार जब बच्चे को पढाई करने के समय की आदत बन जाएगी वह उस समय पढने के लिए स्वयं बैठ जाएगा ।  इसमें एक बात का और ध्यान रखें की बच्चा कितने समय तक पढने में रुचि ले रहा है क्योंकि वह ज्यादा समय तक मन लगाकर पढ लिया है और आगे उसका मन नही लग रहा बोर हो रहा है तो जबरदस्ती करने से कोई फायदा नही है ।

बच्चे को किताब पढने में रुचि दिलाएं ...

छोटे बच्चो को पढाना और समझाना बहुत कठिन होता है अगर आप बच्चे को किताबो में रुचि दिलाएंगे तो उसे पढने में मन लगेगा । जिसके लिए आप बच्चो को बिषय से हटकर भी कुछ एडवांस रंगीन चित्र वाली किताबो को दिखाते रहें और उनको जो किताब में चित्र दिए जाते है उन चित्र के माध्यम से उसे समझाने का प्रयास करें व उन चित्रो के बिषय पर चर्चा करें ताकि बच्चे को बातें जल्दी समझ आ जाए ।

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बच्चे को पढने के लिए दबाव न बनाएं ...

अगर आप चाहते हैं कि आपका छोटा बच्चा खुशी से पढने बैठ जाए तो उसके लिए आप उसको बहला-फुसलाकर उसे पढाना बैठाएं ना कि उसपर दबाव बनाए कि नही तुमको अभी पढना है ऐसा बिल्कुल ना करें क्योंकि ज्यादा दबाव में बच्चे को पढाना बैठा तो सकते हैं लेकिन उससे कोई फायदा नही होगा आपकी पुरी बताई हुई बातें उसके दिमाग के उपर से निकलेगी इसलिए उसे बहलाकर खेल-खेल में पढाई करवाएं ।

बच्चे का मनोबल बढाएं ...

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा पढाई में तेज बने तो उसके मनोबल को बनाएं रखे जिसके लिए आप उसको अच्छी-अच्छी बातें बताए या जिसके लिए आप उसे किसी महान व्यक्ती के जिवन के बारे में बताएं कि वे स्कुल के दिनो में कैसे रहते थे , क्या करते थे कितना पढाई करते थे , कौन सा खेल खेलते थे , आज वह किस कारण व कैसे इस मुकाम पर पहुचे हैं इन सभी बातो का जिक्र करें जिससे बच्चे का मनोबल बढेगा और उसे आगे जिंदगी में क्या बनना है  उसके लिए बच्चे के अंदर एक जूनून सा दिखेगा और वह पुरे उतसाह के साथ पढने में मेहनत करेगा ।

बच्चे के साथ पढाई से संबंधित गेम खेले...

अगर आप अपने बच्चे को इंटेलिजेंट बनाना चाहते हैं तो उनको सिर्फ बैठाकर पढाए ही नही बल्की उनको खेल-खेल में भी पढा सकते हैं । खाली समय में उनके साथ कोई ऐसा गेम खेलें जो पढाई से संबंधित हो । जैसे
आप उनको पिछले दिनो कही घुमाने ले गए थे तो उस जगह के बारे में पूछ सकते हैं या उसे बता सकते हैं । या आप खेल-खेल में दिनो और महीनो के नाम आदि अंग्रेजी में पुछ सकते है , अग्रेंजी ग्रामर आदि के बारे में पूछ और बता सकते हैं या आप उनसे अंग्रेजी में बात करके उनसे अंग्रेजी में जबाव देने के लिए बोल सकते हैं या उनको बता सकते हैं इस तरह से आप एक्स्ट्रा नॉलेज देकर बच्चो के दिमाग को और विकसीत कर सकते हैं जिससे बच्चा पढने में और तेज बनेगा ।

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बच्चे पर मार्क्स के लिए दबाव न डाले

बहुत से लोगो को देखा जाता है कि बच्चे का जब एग्जाम होने वाला होता है तो उनके उपर दबाव डालते हैं कि इस एग्जाम में तुम्हे इतना मार्क्स लाना है नही तो ये नही करुंगा या तुमको ये नही दिलाउंगा । और इसके उपरांत उस समय बच्चे को ज्यादा देर तक पढाते  है
उनपर पढने के लिए बहुत दबाव बनाते हैं आपको ऐसा नही करना है क्योंकि इससे कोई फायदा होने वाला नही है बच्चे को बिना दबाव के पढए जिससे वह एग्जाम में अच्छी मार्क्स ला सकता है ।

बच्चो को पढाई में तेज कैसे बनाएं ?

अपने बच्चे के मेमोरी बूस्ट करने का सबसे पहला कदम हैं उनकी केयर करना , उनको समझना , उनके साथ समय बिताना उनकी जरुरत पुरी करना , जिस कारण बच्चे आप के साथ खुल कर रह सकते हैं तथा आपको अपना पुरी बात बता सकते हैं जिस कारण आप आवश्यकताअ नुसार उनकी हेल्प कर सकते हैं ।
अब बात आती हैं कि बच्चो को पढाई में तेज बनाने के उपाय कि तो आप कुछ बाते जानकर उनका Memory Power Increase कर सकते हैं ।

  • बच्चो का दिमाग तेज करने के लिए सबसे पहले बच्चो के खान-पान पर ध्यान दें उन्हे उचित डाईट दें समय से दे ताकि वह हेल्दी रहे और उनका दिमाग तेज बना रहे ।
  • बच्चो के साथ कोई ऐसा खेल खेले जो मनोरंजन के साथ उनके पढाई से संबंधित हो और उस खेल से संबंधित महान खिलाड़ियो के बारे में बताए या उनसे पुछें ।
  • अगर आप कही घूमने जा रहे हैं जैसे कोई पर्यटन स्थल या कोई एतिहासिक जगह , म्युजियम आदि तो बच्चो को साथ ले जाए और उनको उसके बारे में बताए ।
  • उस एतिहासिक स्थल के बारे में बताए कि यह किससे संबंधित है ये कौन थे , इनका इतिहास क्या था ।
  • इसी तरह अगर आप कोई म्युजियम आदि जा रहें है तो म्यूजियम में रखी पुरानी और अनोखी बस्तुओ के बारे में बताएं कि यह क्या है और किस लिए प्रसिद्ध है इसे क्यूँ यहा पर रखा गया है ।
  • इसी तरह उनको नई-नई तकनीकियों और अविष्कारो के बारे में अवगत कराएं कि यह क्या है , इसका उपयोग क्या है इसको किसने बनाया हैं , यह किस काम आता है
  • यदि आप बच्चो को कही कोई पार्क या चीड़िया घर ले जा रहे है घुमाने के लिए जहां पर उनको बहुत से जानवर दिखेंगे आप उन जानवरो के बारे में उनको बताए या उनसे प्रश्न करें ।
  • इस तरह आप बच्चो के दिमाग की छमता को बढा सकते हैं और उनको स्कुल में पढाया हुआ सब जल्दी से याद होगा और उनका पढाई में रुची होगी जिस कारण वे नई ताजगी के साथ पढाई करेंगे ।

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अंत में -

बच्चों के पढाई के साथ-साथ उन्हे एक्स्ट्रॉ नॉलेज देना भी जरुरी है जैसे कंप्यूटर , समाचार की कुछ बातें , खेलो से संबंधित जानकारियाँ , खोज व अविष्कार आदि अनेक अतिरिक्त जानकारी उनको जरुर देना चाहिए जिससे पढाई के साथ-साथ समाजिक स्तर पर भी मजबूत बने रहें ।
आज के पोस्ट में आपने बच्चों के पढाने से संबंधित जानकारियों को पढा और समझा मुझे उम्मीद है कि बच्चों को कैसे पढाए ( Baccho Ko Kaise Padhaye ) संबंधित जानकारी और तरीका आपको पढकर अच्छा लगा होगा । धन्यवाद






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