डिजिटल अरेस्ट क्या है और इससे कैसे बचें?

आजकल दुनिया में लोग डिजिटल अरेस्ट ( Digital Arrest ) जैसे धोखाधड़ी का बहुत तेजी से शिकार हो रहे है । स्कैमर इस तरह का काम वहां पर ज्यादा कर रहे है , जहां लोग कम पढ़े लिखे है । बच्चे , बुजुर्ग से लेकर महिलाएं तक जिन्हें इंटरनेट या सोशल मीडिया या ऑनलाइन तकनीक की जानकारी कम है , आसानी से इनकी बातों में आकर अपना सब कुछ गवा देते है । बहुत से मामला ऐसे भी देखे जाते है कि ,पढ़ें लिखे लोग भी इस तरह के अपराधी के चंगुल में फंस जाते है ।

इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड में अपराधी आपके दिमाग को इतनी शातिर तरीके से घुमाते है , अथवा इस तरह फसाते है कि ,आपको उनकी कही हुई बात सच लगने लगती है और उनके झांसे में आ जाते है । बहुत से मामले में यह भी देखा गया है कि , लोग सच्चाई जानकर भी उनका कुछ नहीं कर पाते है । यहां तक कि मेहनत से कमाए हुए पैसे , उन साइबर अपराधी को तुरंत दे देते है । समय–समय पर सरकार भी इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को बार–बार सचेत करती रहती है ।

आज ये पोस्ट बनाने का हमारा मकसद आपको, डिजिटल अरेस्ट क्या है और इससे कैसे बचें ( Digital Arrest Kya Hai Aur isase Kaise Bache ) के बारे में जानकारी देना है । जब तक आप इस तरह के साइबर फ्रॉड के बारे में अच्छी तरह से जानेंगे नहीं , तब तक ऐसे ऑनलाइन स्कैम में फसते रहेंगे ? इसलिए नीचे इस पोस्ट को ध्यान से जरूर पढ़ें ।

Digital Arrest क्या है ? 

डिजिटल अरेस्ट एक तरह से साइबर फ्रॉड है , जिसमें कोई व्यक्ति फर्जी पुलिस वाला या ईडी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करके आपको धमकाते है । स्कैमर द्वारा यह कहा जाता है कि आपका डॉक्यूमेंट जैसे आधार कार्ड , बैंक अकाउंट आदि गलत कार्यों में उपयोग हुआ है । इसके अलावा अन्य तरीका भी , जैसे आप इस तरह के आपराधिक मामलों में दोषी पाए गए हो जिसमें आप फंस चुके है । इसलिए आप कॉल पर बने रहे और हमारा सहयोग करें। इस तरह आपको घंटों डराकर वीडियो कॉल पर बंधक बनाएं रखते है ,जिसे डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है ।

डिजिटल अरेस्ट कैसे होता है ?

  • ‌सबसे पहले साइबर अपराधी आपके फोन पर फर्जी वीडियो कॉल करते है और अपने आप को पुलिस अधिकारी होने का दावा कर कैमरे पर पर लोगो को अनुचित कार्यों में संलिप्त होने का डर दिखाकर डिजिटल बंधक बना लेते है ।
  • ‌अपराधी Video Call पर अपने आप को ED , CBI या Police Officer बनकर आपसे बात करते है । यहां तक कि जहां से वो बात करते है वहां पुलिस की वर्दी पहनकर बैठे रहते हैं और बैकग्राउंड को पुलिस स्टेशन की तरह ही बना देते है ।
  • ‌साइबर स्कैंमर द्वारा आपको कई तरह अनुचित कार्यों में सलग्न होना , मुकदमा और पुलिस कार्रवाई आदि की बाते कर आपके अंदर मानसिक भय बनाते हैं । जिस कारण आपको फोन पर बने रहने और कॉल ना कट करने की सलाह देकर घंटों डिजिटल कस्टडी में रखते हैं
  • ‌जब लोग डरकर या घबराकर ऐसे स्कैंमर की जाल में फस जाते है तो अपराधी केस वेरिफिकेशन या मामला को रफा दफा करने के लिए पैसे की मांग करते हैं । जिस कारण बहुत से लोग इस फर्जी स्कैम में फंसकर अपना पैसा स्कैंमर को दे देते हैं ।

डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें ?

डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान देना होगा –

  • किसी व्यक्ति अपना Bank Details, ATM PIN, OTP की जानकारी शेयर न करें ।
  • ‌अगर कोई कॉल कर आपसे बैंक कर्मचारी होने का दावा कर ऊपर बताई गई जानकारी मांगता है तो आप फोन पर अपनी डिटेल शेयर न करें ।
  • ‌आपके फोन पर आए हुए अंजान मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें और ना ही फोन में किसी ऐसे ऐप को इंस्टॉल करें जो आपके प्राइवेसी के लिए खतरा हो ।
  • ‌अगर कोई व्यक्ति वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में कॉल कर आपको डराकर पैसे की मांग करता है तो पैसे न दे तुरंत फोन कट कर दे , और इसकी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल या साइबर क्राइम हेल्प नंबर 1930 पर करें ।
  • ‌भारत में कोई भी बैंक या सरकारी विभाग आपसे फोन पर इस तरह की डिटेल की मांग नहीं करता है ।

साइबर अपराध में नया ट्रेंड क्या देखा जा रहा है ?

आज दुनिया में टेक्नोलॉजी ने जिस तरह हमारा जीवन आसान बना दिया है , और हम बहुत तेजी से तरक्की कर रहे है । लेकिन इस डिजिटल दुनिया में तरक्की के साथ–साथ डिजिटल स्कैम भी बहुत तेजी से हमारे बीच फैल रहा है । जी हां आज यह ऑनलाइन स्कैमर इतना स्मार्ट हो गए हैं कि विक्टिम को कुछ ही समय में अपने बातों में फंसा कर उससे पैसा ले लेते हैं ।

नेटवर्क सिग्नल स्कैम 

अगर बात करें सबसे नया और ट्रेंडिंग साइबर स्कैम का तो , नेटवर्क सिग्नल स्कैम का मामला भी ज्यादा पाया जा रहा है । इसमें अपराधी आपके फोन के नेटवर्क को अपनी डिवाइस से हाईजैक कर लेते है। आपको उस समय लगता है कि कंपनी का नेटवर्क है लेकिन वह स्कैमर का रहता है । सिग्नल हाईजैक करके अपराधी आपके फोन का डेटा चुरा सकता है , ओटीपी मालूम कर सकता है , यहां तक कि फर्जी मैसेज आदि भेजकर आपके साथ धोखा–धडी कर सकता है ।

वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट करना

आज के समय में देश में सबसे अधिक डिजिटल अरेस्ट के मामले आ रहे हैं । इस तरह के अपराध में स्कैमर , विक्टिम को डरा धमकाकर उन्हें घंटों वीडियो कॉल पर बंधक बनाते हैं और मामला रफा दफा करने के लिए पैसा मांगते हैं ।

AI की मदद से आवाज व चेहरा बदलना 

AI के द्वारा अपराधी किसी का भी चेहरा और आवाज बदलकर लोगों के साथ बात करते है । ऐसे अपराधी आपके रिश्तेदार , या कोई जानकार अथवा कोई भी सरकारी आदमी की आवाज और चेहरा में बदल कर आपके साथ डिजिटल ठगी करते हैं ।

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी

आजकल यह भी स्कैम बहुत ट्रेंड कर रहा है । बहुत से लोग विदेश नौकरी और अच्छी सैलरी के नाम पर ऐसे लोगों के चंगुल में फस जाते है । इस तरह के मामले में स्कैमर विक्टिम को विदेश ले जाकर उनका पासपोर्ट आदि छीन लेते है और उन्हें कैद कर आपराधिक काम कराए जाते हैं । जैसे उनके सोशल मीडिया अकाउंट से गलत विज्ञापन देना और लोगों को बुलाना , विक्टिम को कैद कर उसके घरवालों से पैसे मंगवाना आदि ।

निष्कर्ष :

अगर हम बढ़ती तकनीक से विकास कर रहे है तो , साइबर अपराधी भी इसकी मदद से लोगों को आसानी से फंसाकर उनसे पैसे लूटते हैं । अब साइबर अपराधी लोगो को फसाने और उनसे पैसे लेने के लिए नए तकनीक और तरीके का भी इस्तेमाल कर रहे है । इसलिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हर समय सतर्क रहे । किसी भी अंजान ( लिंक , ओटीपी , केवाईसी ,ऐप ) आदि से हमेशा सावधान रहें । आज का पोस्ट डिजिटल अरेस्ट क्या है और इससे कैसे बचे ( Digital Arrest Kya Hai Aur isase Kaise Bache ) पर आधारित है । हमे उम्मीद है कि यह आपके लिए हेल्पफुल साबित हुआ होगा । धन्यवाद

Pawan Rai
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