तू ही बता ए दिल कि तुझे समझांऊ कैसे

 तू ही बता ए दिल कि तुझे समझांऊ कैसे,

जिसे चाहता है तू उसे नजदीक लाँऊ कैसे!

यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा,

मगर उस एहसास को ये एहसास दिलाऊं कैसे!

हँसकर भी देख लिया रोकर भी देख लिया,

किसी को पाकर खोकर भी देख लिया!

प्यार किया और ये भी जान लिया की,

जिंदगी वही जी सकता है जिसने अकेले 

जीना सीख लिया।

वो प्यार जो हकीकत में प्यार होता है,

जिन्दगी में सिर्फ एक बार होता है!

निगाहों के मिलते मिलते दिल मिल जाये,

ऐसा इत्तेफाक सिर्फ एक बार होता है!

हम तो उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे,
 वो भी पल पल हमें आजमाते रहे।
 जब मुझे मोहब्बत में मरने का वक्त आया,
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।

क्या फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में,

         रहते तो दोनो दिल मे ही है ।

वर्षो बाद मिलने से दोस्ती सीने से लगा लेती है,

     और मोहब्बत नजरें चुरा लेती है।

राह चलते तो हजारों मुसाफिर मिलते हैं,

ज़िन्दगी में तो कई मुसाफिर अपने बनते हैं,

अपनों और गैरों में भी बहुत फर्क होता है,

कुछ पास होके भी दूर हैं,

कुछ दूर होके भी दिल के सबसे करीब हैं।

Pawan Rai
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